Connection of Tandava Web Series with Terror Language

तांडव वेब सीरीज़ का कनेक्शन टेरर लैंग्वेज के साथ (Connection of Tandava Web Series with Terror Language)

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तांडव वेब सीरीज़ का कनेक्शन टेरर लैंग्वेज के साथ (Connection of Tandava Web Series with Terror Language)

मुंबई: अमेजन प्राइम वीडियो के नए राजनीतिक ड्रामा ‘तांडव‘ के निर्माताओं ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में पुलिस को शिकायत के बाद सोमवार शाम को “बिना शर्त” माफी जारी की है. इस वेब सीरीज के कुछ दृश्यों में “हिंदू देवी-देवताओं का अपमान” किया गया था. माफीनामे में कहा गया है कि यह भी अपराध अनजाने में किया हो गया. इस सीरीज में, सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया और मोहम्मद जीशान अय्यूब शामिल हैं (Connection of Tandava Web Series with Terror Language).

वैसे तांडव वेब सीरीज में एक नेगेटिव विचार धारा को बढ़ावा दिया जा रहा है. जैसे की हम कुछ सालो से तथाकथित लोगो के मुँह से आजादी के नारे JNU और अन्य जगह सुनते रहते है. “सामंत वाद से आजादी”, “मनु वाद से आजादी” और पता नहीं किन किन चीज़ो से आजादी। लेकिन यह नारे आये कहा से तो गली बॉय का गाना आप लोगो ने सुना होगा जो युवाओ में काफी पसंद किया गया था. जिसको आजादी सांग के नाम से जाना जाता है. भगवान् शिव की वेशभूषा को गलत तरीके से दिखाते हुए इसमें आजादी के वही नारे लगाए गए है.

वैसे ये नारे आये कहा से तो इन नारो का उदय पाकिस्तान में आतंकी संघटन द्वारा भारत के खिलाफ कश्मीर की तथाकथित आजदी के लिए प्रयोग किये जाते थे. कश्मीर में कश्मीरी ब्राह्मणो के नरसंहार के दौरान भी इन नारो को उपयोग किया गया था.

लेकिन आज की युवा पीढ़ी के दिमाग में नेगेटिव विचारधारा को सेट करने के लिए इस तरह के नारो को संगीत के सुरो के साथ परोसा जाता है जिससे यह लोगो को आसानी याद भी हो जाये और एक जाने अनजाने एक मुहीम का हिस्सा बन जाये।

लेकिन हर बार जिस तरह कुछ करने के बाद माफ़ी मांगने का प्रचलन भी कई वर्षो से चला आ रहा है वैसा ही इस बार भी फिर देखा गया. ‘तांडव’ के कलाकारों और टीम ने कहा कि उन्होंने “चिंताओं का संज्ञान लिया है और बिना शर्त माफी मांगते हैं कहा है कि अगर इस वेब सीरीज से अनजाने में किसी की भावनाओं को आहत किया है तो हमे इसके लिए खेद है”.

इस माफी के बाद I&B मंत्रालय के बाद प्रतिक्रिया आई है, जिसमें ओटीटी पर सेंसर सामग्री के लिए तंत्र स्थापित करने का आग्रह किया गया है, अमेज़ॅन से प्रतिक्रिया मांगी गई है.

कम से कम दो शिकायतें दर्ज की गई हैं – एक लखनऊ में एक पुलिसकर्मी द्वारा और दूसरी रविवार को मुंबई में राम कदम द्वारा. यूपी पुलिस ने आरोप लगाया कि पहले एपिसोड में 17 मिनट, “लोगों ने हिंदू देवी-देवताओं का प्रतिनिधित्व करने के लिए बहुत भद्दे तरीके से कपड़े पहने है जो कि धार्मिक भावनाओं को आहत करता है. राम कदम की शिकायत ने कहा कि धार्मिक भावनाओं का कथित अपमान हर बार वेब सीरीज के माध्यम से हुआ है.

तांडव’ को लेकर नाराजगी जताने वालों में कपिल मिश्रा भी शामिल हैं – एक भाजपा नेता पर पिछले साल फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा को भड़काने वाले भड़काऊ भाषण देने का आरोप है. उन्होंने कहा, “वेब सीरीज ऑनलाइन उपलब्ध है जो हमारे धर्म और हमारे देवताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर घृणा फैलाने वाले आतंकवादियों को हीरो बना रही है “.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जिनके राज्य में नेटफ्लिक्स के खिलाफ एक केस भी दर्ज कीया गया था – उन्होंने यह भी कहा था कि, “हमारे देवी देवताओं का अनादर करने का अधिकार किसी को नहीं है.” मेरी राय में हमें ओटीटी प्लेटफार्मों पर कड़ी नजर रखने की जरूरत है क्योंकि वे अशिष्ट सामग्री दिखा रहे हैं। ”

तांडव वेब सीरीज़ का कनेक्शन टेरर लैंग्वेज के साथ (Connection of Tandava Web Series with Terror Language)

पिछले कुछ हफ्तों में प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे ओटीटी पर अक्सर धार्मिक या राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है.अनिल कपूर और अनुराग कश्यप द्वारा अभिनीत एक नेटफ्लिक्स फिल्म – जिसमें कपूर एक वायु सेना अधिकारी की भूमिका निभाते हैं – की “सशस्त्र बलों में भारत के व्यवहार मानदंडों के अनुरूप ना होने” के लिए आलोचना की गई थी. फिर अनिल कपूर ने माफी मांगते हुए कहा कि भावनाएं अनायास ही आहत हो गईं।

नवंबर में केंद्र ने श्री जावड़ेकर के मंत्रालय के तहत प्राइम और नेटफ्लिक्स जैसे ऑनलाइन ओटीटी पोर्टल और कंटेंट प्रोवाइडर लाए. पहले डिजिटल सामग्री को नियंत्रित करने वाले कोई कानून या पैनल नहीं थे. यह तब था जब सुप्रीम कोर्ट ने ओटीटी पर एक स्वायत्त निकाय सामग्री को विनियमित करने की याचिका पर अपनी प्रतिक्रिया मांगी थी।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अमेजन प्राइम के अधिकारियों से इस आरोप पर स्पष्टीकरण भी मांगा था कि वेब-सीरीज ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है.

“किसी भी व्यक्ति, जाति, समुदाय, जाति, धर्म या धार्मिक विश्वास या किसी संस्था, राजनीतिक पार्टी या व्यक्ति, जीवित या मृत व्यक्ति की अपमान या अपमान करने की भावना को रोकने के लिए कलाकारों और टीम के सदस्यों का कोई इरादा नहीं था. तांडव के कलाकारों और दल ने लोगों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं का संज्ञान लिया और बिना किसी की भावनाओं को आहत किए, बिना शर्त माफी मांगते हैं, “अली अब्बास जफर द्वारा अपने ट्विटर हैंडल पर एक बयान में कहा गया है.

तांडव वेब सीरीज़ का कनेक्शन टेरर लैंग्वेज के साथ (Connection of Tandava Web Series with Terror Language)

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